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बार-बार थकान, चक्कर और कमजोरी हो रही है? शरीर में इन जरूरी विटामिन्स की कमी हो सकती है

 


हेल्थ डेस्क। अगर आपको बिना ज्यादा मेहनत किए भी हर समय थकान महसूस होती है, सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलने लगती है, बार-बार चक्कर आते हैं या शरीर में कमजोरी बनी रहती है, तो इसे सिर्फ काम का तनाव या कम नींद समझकर नजरअंदाज न करें। कई बार ये लक्षण शरीर में जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स की कमी का संकेत भी हो सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक जीवनशैली, असंतुलित खानपान, लंबे समय तक जंक फूड का सेवन और धूप की कमी जैसी वजहों से लोगों में विटामिन और पोषक तत्वों की कमी तेजी से बढ़ रही है। समय रहते इसकी पहचान और सही इलाज न होने पर यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है।

शरीर क्यों देता है कमजोरी और थकान के संकेत?

हमारे शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए कई तरह के विटामिन्स और मिनरल्स की जरूरत होती है। इनमें से किसी एक की भी कमी होने पर शरीर की ऊर्जा, मांसपेशियों, दिमाग, हड्डियों और रक्त निर्माण की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

आइए जानते हैं किन पोषक तत्वों की कमी से सबसे ज्यादा थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है।

1. विटामिन B12 की कमी

विटामिन B12 शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं और तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) के सामान्य कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कमी होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण

  • हर समय थकान

  • हाथ-पैरों में झुनझुनी

  • चक्कर आना

  • याददाश्त कमजोर होना

  • चलने में असंतुलन

  • सांस फूलना

किन लोगों में ज्यादा खतरा?

  • शाकाहारी लोग (यदि पर्याप्त B12 स्रोत न लें)

  • बुजुर्ग

  • पेट संबंधी कुछ बीमारियों से पीड़ित लोग

  • लंबे समय तक कुछ दवाएं लेने वाले लोग

B12 के अच्छे स्रोत

  • दूध

  • दही

  • पनीर

  • अंडा

  • मछली

  • चिकन

  • फोर्टिफाइड फूड्स

2. विटामिन D की कमी

विटामिन D हड्डियों, मांसपेशियों और प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए बेहद जरूरी माना जाता है।

कमी होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण

  • शरीर में दर्द

  • मांसपेशियों में कमजोरी

  • बार-बार थकान

  • हड्डियों में दर्द

  • बार-बार बीमार पड़ना

कमी क्यों होती है?

  • धूप में कम निकलना

  • संतुलित आहार की कमी

  • बढ़ती उम्र

  • कुछ स्वास्थ्य स्थितियां

विटामिन D के स्रोत

  • सुबह की धूप

  • वसायुक्त मछली

  • अंडा

  • फोर्टिफाइड दूध

3. आयरन की कमी

आयरन की कमी एनीमिया का प्रमुख कारण बन सकती है। इससे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने वाली लाल रक्त कोशिकाएं कम हो सकती हैं।

लक्षण

  • जल्दी थक जाना

  • चक्कर आना

  • सांस फूलना

  • चेहरा पीला पड़ना

  • दिल की धड़कन तेज होना

किन लोगों में ज्यादा जोखिम?

  • महिलाओं में

  • गर्भवती महिलाओं में

  • अत्यधिक रक्तस्राव होने पर

  • आयरन की कमी वाला भोजन लेने वालों में

आयरन के स्रोत

  • पालक

  • चना

  • राजमा

  • दालें

  • गुड़ (सीमित मात्रा में)

  • मांस (यदि आहार का हिस्सा हो)

4. फोलेट (Vitamin B9) की कमी

फोलेट शरीर में नई कोशिकाओं और लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कमी के लक्षण

  • कमजोरी

  • थकान

  • भूख कम लगना

  • ध्यान केंद्रित करने में परेशानी

अच्छे स्रोत

  • हरी पत्तेदार सब्जियां

  • दालें

  • संतरा

  • एवोकाडो

  • ब्रोकली

क्या हर थकान विटामिन की कमी की वजह से होती है?

नहीं।

थकान और कमजोरी के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, जैसे—

  • डायबिटीज

  • थायरॉयड की समस्या

  • नींद की कमी

  • मानसिक तनाव

  • डिप्रेशन

  • हृदय रोग

  • संक्रमण

  • किडनी या लिवर संबंधी बीमारियां

इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर विटामिन सप्लीमेंट लेना सही नहीं है।

कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

यदि आपको—

  • कई सप्ताह से लगातार कमजोरी

  • बार-बार चक्कर

  • सांस फूलना

  • वजन तेजी से घटना

  • बार-बार बेहोशी

  • हाथ-पैर सुन्न होना

जैसी समस्याएं हो रही हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेकर आवश्यक जांच करानी चाहिए।

क्या बिना जांच के विटामिन सप्लीमेंट लेना सही है?

विशेषज्ञों का मानना है कि बिना जांच और डॉक्टर की सलाह के विटामिन या आयरन की गोलियां लेना उचित नहीं है।

कुछ विटामिन्स और मिनरल्स की अधिक मात्रा भी शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकती है। इसलिए जांच के बाद ही जरूरत के अनुसार उपचार लेना बेहतर होता है।

शरीर में विटामिन की कमी से कैसे बचें?

  • रोज संतुलित और पौष्टिक भोजन करें।

  • हरी सब्जियां और मौसमी फल खाएं।

  • पर्याप्त प्रोटीन लें।

  • नियमित रूप से धूप लें (जहां उपयुक्त हो)।

  • पर्याप्त नींद लें।

  • नियमित व्यायाम करें।

  • समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराएं।

बार-बार थकान, चक्कर और कमजोरी को सामान्य मानकर नजरअंदाज करना सही नहीं है। कई मामलों में इसके पीछे विटामिन B12, विटामिन D, आयरन या फोलेट की कमी हो सकती है, लेकिन इसके अन्य चिकित्सीय कारण भी संभव हैं। यदि लक्षण लगातार बने रहें, तो स्वयं दवा लेने के बजाय योग्य डॉक्टर से परामर्श लेकर आवश्यक जांच कराना सबसे सुरक्षित और प्रभावी कदम है। समय पर पहचान और सही इलाज से अधिकांश मामलों में स्वास्थ्य में सुधार संभव है।

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